दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने अपने विरोधियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर विकास की नई गाथा लिख रहा है. यह चुनाव यहां का भाग्य लिखेगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही एक सुरक्षित जम्मू-कश्मीर का निर्माण करेंगे.
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 में अब कुछ ही दिन बचे हैं. इसके लिए जमकर चुनाव प्रचार हो रहा है. बता दें, जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को मतदान होगा. वहीं, मतगणना 8 अक्टूबर को होगी.
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि परिवारवाद ने एक खूबसूरत राज्य को खोखला कर दिया है. उन्हें सिर्फ अपने बच्चों की चिंता है. परिवारवादी पार्टियों ने लोगों को गुमराह किया है. उन्होंने कहा कि मैं आपके इस प्यार और आशीर्वाद का बदला आपके और देश के लिए दोगुनी-तिगुनी मेहनत करके चुकाऊंगा. हम सब मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध जम्मू-कश्मीर का निर्माण करेंगे और यह मोदी की गारंटी है.
नया जम्मू-कश्मीर विकास की नई गाथा लिख रहा है। डोडा में उमड़ा ये जनसमूह साफ बता रहा है कि लोकतंत्र यहां के लोगों की रगों में है। भाजपा को आशीर्वाद देने आए सभी परिवारजनों को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम। https://t.co/Dyk2ntG6vG
— Narendra Modi (@narendramodi) September 14, 2024
पीएम ने कहा कि यह चुनाव तीन खानदानों और नौजवानों के बीच है. उन्होंने कहा कि हमने परिवारवादियों को खुलकर चुनौती दी है. कांग्रेस को सिर्फ अपनी चिंता है. ये किसी का भला नहीं करने वाले. खानदान वालों ने सिर्फ अपने खास लोगों को ही नौकरियां दी हैं.
इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और पीएम मोदी की होने वाली जनसभा की तैयारियों की समीक्षा की. सिंह ने कहा कि यह लगभग 50 वर्षों में किसी प्रधानमंत्री की डोडा की पहली यात्रा होगी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने दूरदराज के इलाकों को प्राथमिकता दी है, जिससे लोगों में काफी उत्साह है. पिछले 10 सालों में डोडा में काफी विकास हुआ है. पिछले 50 सालों में किसी प्रधानमंत्री ने डोडा का दौरा नहीं किया है, लेकिन पीएम मोदी के दौरे के बाद यह संदेश जाएगा कि पीएम मोदी ने दूरदराज के इलाकों को विकसित इलाकों के बराबर लाने के लिए काफी काम किया है.
जानकारी के मुताबिक जम्मू और कश्मीर में दस साल के अंतराल के बाद चुनाव होने जा रहे हैं. इससे पहले 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे. जम्मू और कश्मीर में 90 विधानसभा क्षे50 साल त्र हैं, जिनमें 7 अनुसूचित जातियों के लिए और 9 अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में करीब 88.06 लाख पात्र मतदाता हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने 28 सीटें जीती थीं, भारतीय जनता पार्टी ने 25, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंसने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती थीं.
पीडीपी-बीजेपी की गठबंधन सरकार जून 2018 में गिर गई थी जब पीडीपी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से समर्थन वापस ले लिया था. ये आगामी चुनाव अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में होने वाले पहले चुनाव होंगे.
