दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने गुजरात दौरे के दौरान 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं की एक श्रृंखला राष्ट्र को लोकार्पित की. इनमें महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन तथा बेचराजी–रणुंज रेल लाइन के साथ-साथ कटोसन रोड और साबरमती के बीच नई यात्री ट्रेन और रणुंज मार्ग से होते हुए बेचराजी स्टेशन से उत्तर भारत के लिए पहली समर्पित ऑटोमोबाइल मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाना शामिल है.
साथ ही, कडी रेलवे स्टेशन और बेचराजी में स्थानीय समारोह आयोजित किए गए. इन परियोजनाओं से विशेष रूप से उत्तरी गुजरात के महेसाणा, पाटन, बनासकांठा, गांधीनगर और अहमदाबाद जिलों को लाभ होगा. इनसे क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि, औद्योगिक विकास को बढ़ावा, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार और रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
अहमदाबाद के विकास कार्यक्रम में अपने परिवारजनों से मिले अपार आशीर्वाद ने नई ऊर्जा से भर दिया है। pic.twitter.com/XDz7q5mG27
— Narendra Modi (@narendramodi) August 25, 2025
65 किलोमीटर लंबी महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण ₹537 करोड़ की लागत से पूरा किया गया है, जबकि 37 किलोमीटर लंबी कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन को ₹347 करोड़ की लागत से ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है. इसी प्रकार, 40 किलोमीटर लंबी बेचराजी-रणुंज रेल लाइन को भी 520 करोड़ रुपये की लागत से ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से विशेष रूप से महेसाणा, बनासकांठा और पाटन जिलों के लिए सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध संपर्क सुनिश्चित हुआ है. इनसे दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा काफी आसान हो गई है, साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी बढ़ावा मिला है.
रेल लाइन के दोहरीकरण से लाइन क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे अहमदाबाद-दिल्ली कॉरिडोर पर तेज़ गति वाली ट्रेनें चलाना संभव हो गया है. इस परियोजना के पूरा होने से ट्रैफिक कंजेशन में कमी तथा क्रॉसिंग के कारण अनावश्यक यात्री ट्रेनों के रुकने की समस्या कम हुई है, जिससे ट्रेनों की समयपालनता सुनिश्चित हुई है. इस विकास से अधिक यात्री सेवाओं की शुरुआत के साथ-साथ माल ढुलाई की दक्षता में भी सुधार हुआ है, जिससे गुजरात की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है.
37 किलोमीटर लंबी कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन को 347 करोड़ रुपये की लागत से ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है. इस परियोजना ने क्षेत्र में यात्री और माल ढुलाई संपर्क को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया है. इस गेज परिवर्तन ने राष्ट्रीय ब्रॉड-गेज रेल नेटवर्क के साथ निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित किया है, जिससे माल और लोगों की तेज़ और अधिक कुशल आवाजाही संभव हुई है. यह परियोजना विशेष रूप से स्थानीय यात्रियों, कडी और कलोल के आसपास के छोटे व्यवसायों और उद्योगों के लिए लाभदायक है, जो गुजरात के महत्वपूर्ण औद्योगिक और कृषि केंद्र हैं. यह यात्रा के समय को भी कम करता है, अहमदाबाद और गांधीनगर तक पहुंच को बेहतर बनाता है और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है.
बेचराजी-रणुंज रेल लाइन का गेज परिवर्तन राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप किया गया है. यह पहल लॉजिस्टिक्स लागत को कम करती है और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक में गुजरात की स्थिति को और मज़बूत करती है, जिससे उत्तर गुजरात की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में तेज़ी आती है और साथ ही भारत के लॉजिस्टिक्स और रेलवे क्षेत्रों में एक मानक स्थापित होता है.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कडी रेलवे स्टेशन से कटोसन रोड–साबरमती मेमू ट्रेन की उद्घाटक सेवा तथा बेचराजी स्टेशन से रणुंज मार्ग होते हुए उत्तर भारत के लिए पहली समर्पित ऑटोमोबाइल मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह फ्रेट सेवा राज्य के औद्योगिक केंद्रों से संपर्क बढ़ाएगी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मज़बूत करेगी और रोज़गार के अवसर पैदा करेगी.
कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
