दिल्‍ली-एनसीआर गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह के दौरान सभा को संबोधित किया.
दिल्‍ली-एनसीआर

गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह के दौरान सभा को संबोधित किया.

दिल्‍ली: गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने केवल आतंकवादियों और पाकिस्तान में उनके शिविरों को निशाना बनाया और पाकिस्तान द्वारा की गई कार्रवाई से यह तथ्य उजागर हो गया कि वह अपने देश में आतंकवाद को पनाह और समर्थन देता है. केंद्रीय गृह मंत्री शुक्रवार को नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मारक व्याख्यान के दौरान सभा को संबोधित कर रहे थे.

ऑपरेशन सिंदूर को इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई बताते हुए अमित शाह ने कहा कि 8 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और कुछ ही मिनटों में नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में सेना अधिकारियों की उपस्थिति से यह तथ्य स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में आतंकवाद राज्य प्रायोजित है.

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले कई सालों से भारत पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कई हमले किए. लेकिन कोई जवाबी कार्रवाई नहीं हुई. जब 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई, तो पाकिस्तानी आतंकवादियों ने सबसे पहले उरी में हमला किया. भारत ने उस घटना के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की और सोचा कि वे समझ जाएंगे. लेकिन नहीं, उन्होंने पहलगाम में हमारे सीआरपीएफ जवानों पर बमबारी की, जिसके बाद हमने हवाई हमला किया.

अमित शाह ने कहा, पहलगाम में उन्होंने सारी हदें पार कर दीं, जब उन्होंने धर्म के आधार पर हमारे लोगों की हत्या की. पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने गलती की. हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उचित जवाब मिलेगा. ऑपरेशन सिंदूर इसका जवाब था. अब, पूरा विश्व भारत की प्रशंसा कर रहा है.

गृह मंत्री कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय धरती पर आतंकवाद के खिलाफ जवाबी हमला था. शाह ने कहा, हमारे सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में 100 किलोमीटर अंदर घुसकर हमला किया और पूरे देश को बीएसएफ सहित हमारे सशस्त्र बलों पर गर्व है. बीएसएफ की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि जब युद्ध की घोषणा नहीं हुई थी तब सीमा सुरक्षा एजेंसी के जवान भारत की सीमा की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े थे.

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