दिल्ली: सरकार अब राजधानी के नालों की सफाई के लिए अत्याधुनिक अम्फीबियस मशीनों का प्रयोग शुरू करने जा रही है. इन मशीनों की विशेषताओं और कीमत की बात करें तो शॉर्ट बूम अम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 1.27 करोड़ रुपये है. इन मशीनों में करीब 6 मीटर लंबा बूम, 0.20 घन मीटर बकेट क्षमता और 65 एचपी इंजन है. यह मशीन 5 मीटर चौड़े संकरे ड्रेन में भी चल सकती है और ड्रेन के अंदर ही काम करने में सक्षम है. इसमें 2.25 घन मीटर क्षमता का कचरा बिन होता है. यह मशीन सूखी, दलदली और पानी भरी परिस्थितियों में काम करते हुए सिल्ट, कचरा, मलबा, स्लज और जलकुंभी जैसी तैरती सामग्री हटाने में सक्षम है.
वहीं, लॉन्ग बूम अम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 3.15 करोड़ रुपये है. इसमें करीब 15 मीटर लंबा बूम, 0.50 घन मीटर बकेट क्षमता और 135 एचपी इंजन है. यह मशीन करीब 9 मीटर गहराई तक काम कर सकती है और ड्रेन के अंदर तथा जमीन दोनों पर चल सकती है. यह भी सूखी, दलदली और जलमग्न परिस्थितियों में काम करते हुए सिल्ट, कचरा, मलबा और जलकुंभी हटाने में बेहद प्रभावी है.
यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए दिल्ली में ड्रेनों की सफाई का काम मिशन मोड में चल रहा है। इसी कड़ी में आज बडुसराय पुल और पंखा रोड ड्रेन में नई Amphibian Excavator Machine (लॉन्ग और शॉर्ट बूम) का इस्तेमाल शुरू किया गया है।
आधुनिक तकनीक से लैस ये मशीनें ड्रेनों और जलाशयों… pic.twitter.com/ZVYamNzm8y
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) March 13, 2026
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बडुसराय पुल, नजफगढ़ ड्रेन और पंखा रोड ड्रेन पर नई अत्याधुनिक अम्फीबियस एक्स्कावेटर मशीनों (लॉन्ग बूम और शॉर्ट बूम) को लॉन्च किया. इन मशीनों से ड्रेनों की डी-सिल्टिंग, कचरा हटाने और जलकुंभी की सफाई का काम तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाएगा. इससे पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और बरसात में जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिलेगी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के नालों की सफाई और यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा ड्रेन है और दिल्ली के कुल नालों से निकलने वाली लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट इसी ड्रेन के माध्यम से आती है. उन्होंने कहा कि वर्षों से जमा हुई भारी मात्रा में सिल्ट को निकालना पहले बेहद कठिन कार्य माना जाता था. लेकिन अब इन आधुनिक फ्लोटिंग मशीनों के माध्यम से यह संभव हो पा रहा है. ये मशीनें ड्रेन के बीचोंबीच जाकर सिल्ट को निकाल सकती हैं, जिससे लंबे समय से जमा गाद को हटाने की प्रक्रिया तेज होगी.
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन में करीब एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा है. इसे हटाने के लिए इन आधुनिक अम्फीबियस मशीनों का उपयोग किया जा रहा है. दिल्ली सरकार ने और अम्फीबियस मशीनें खरीदने का भी निर्णय किया है. इनमें से एक मशीन पहले ही लाई जा चुकी थी, जबकि आज चार नई मशीनों का जलावतरण किया गया. बाकी मशीनें भी जल्द ही विभाग को सौंप दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अब केवल मॉनसून से पहले ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष नालों की डी-सिल्टिंग का कार्य कर रही है, ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या को प्रभावी रूप से रोका जा सके.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार मां यमुना और उनसे जुड़ी बड़ी ड्रेनों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग कर रही है, ताकि यमुना को अविरल और निर्मल बनाया जा सके. इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि नजफगढ़ ड्रेन और उससे जुड़ी प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए अत्याधुनिक अम्फीबियस मशीनों का उपयोग दिल्ली सरकार के लिए महत्वपूर्ण कदम है. इन आधुनिक मशीनों की मदद से वर्षों से जमा सिल्ट, कचरा और जलकुंभी को प्रभावी ढंग से हटाया जा सकेगा, जिससे ड्रेनों की जल प्रवाह क्षमता बढ़ेगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी.
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक प्रमुख वादा पंखा रोड का सौंदर्यकरण, उसे स्वच्छ और कूड़ा-मुक्त बनाना तथा पंखा रोड ड्रेन की वर्षों से लंबित सफाई कराना था. लंबे समय से इस ड्रेन की सफाई नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में स्थानीय निवासियों को जलभराव और दुर्गंध जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था. सरकार बनने के बाद से ही इस वादे को पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है. ड्रेन की नई दीवारों का निर्माण कराया गया है और पहले 100 दिनों के भीतर ड्रेन की प्रारंभिक सफाई और एक हिस्से का ब्यूटीफिकेशन कार्य पूरा किया गया.
