दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान को करारा जवाब दिया. ऑपरेशन सिंदूर इस समय देश ही नहीं पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसी बीच गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ाने के लिए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की शुरुआत की तो इसके लिए सिंदूर का पेड़ को चुना.
भारतीय संस्कृति में ‘सिंदूर’ केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि सुहाग, समर्पण, बलिदान और शक्ति का प्रतीक है. पीएम आवास के समीप भगवान महावीर वनस्थली पार्क में प्रधानमंत्री ने सिंदूर का पेड़ लगाया. इस मौके पर विशेष रूप से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद थीं, जो बीजेपी शासित राज्यों में इकलौती महिला मुख्यमंत्री हैं. उनके अलावे दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद थे.
Today, on #WorldEnvironmentDay, we strengthened the #EkPedMaaKeNaam initiative with a special tree plantation drive. I planted a sapling at the Bhagwan Mahavir Vanasthali Park in Delhi. This is also a part of our effort to reforest the Aravalli range – the Aravalli Green Wall… pic.twitter.com/6mwbkQukPv
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2025
पीएम द्वारा शुरू इस अभियान के तहत 700 किलोमीटर के दायरे में फैली अरावली पर्वत की श्रृंखला में पेड़-पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि, दिल्ली के अलग-अलग नर्सरी में सिंदूर के पेड़ लगे हुए हैं. इस समय सुहाग के प्रतीक सिंदूर जिस तरह सुर्खियों में है, प्रधानमंत्री द्वारा पर्यावरण दिवस पर सिंदूर के पेड़ लगाने से चर्चा को और बढ़ा दिया है.
एमसीडी के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर रहे एसपी सिंह बताते हैं, सिंदूर, जिसे कुमकुम भी कहा जाता है, कमिला के पेड़ के फल से बनता है. पेड़ से निकलने वाले लाल फल के बीज को पीसकर प्राकृतिक सिंदूर तैयार किया जाता है. हालांकि, बाजार में मिलने वाले सिंदूर में अक्सर रासायनिक तत्व और रंग इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनमें से कुछ जहरीले भी हो सकते हैं. इसलिए, कमिला फल से प्राप्त प्राकृतिक सिंदूर स्वास्थ्य के लिए एक बेहतर विकल्प है.
एमसीडी के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर रहे एसपी सिंह बताते हैं, सिंदूर के पौधे लगाने के 2 तरीके हो सकते हैं. इसे बीज की मदद से लगाया जा सकता है. दूसरा इसके तैयार पौधे को कलम की मदद से लगाया जा सकता है. सिंदूर का पौधा घर में आसानी से नहीं उग सकता, क्योंकि इसके लिए एक अलग तरह की जलवायु चाहिए. इसके साथ कुछ ऐसा है कि अगर आप इसके पौधे को ज्यादा पानी या खाद दे दिए, तो यह पौधा मर जाएगा. वहीं, अगर कम दिया तो इसमें फल नहीं आएंगे. इसके एक पौधे में से एक बार में डेढ़ किलो तक सिंदूर फल निकल सकता है. कमीला का पेड़ 20 से 25 फीट तक ऊंचा होता है.
