दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. ईडी केस में उन्हें पहले जमानत मिल चुकी है. सीएम केजरीवाल फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. इस मामले में पिछले हफ्ते सुनवाई पूरी हो चुकी है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुईयां की बेंच यह फैसला सुनाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
इससे पहले इसी घोटाले के ED केस में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को 12 जुलाई को जमानत दी थी, लेकिन वह जेल से बाहर नहीं आ सके थे. इससे पहले पिछली सुनवाई में केजरीवाल की ओर से उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील रखी थी कि यह अपने आप में अनोखा मामला है. PMLA के सख्त नियमों के बावजूद केजरीवाल को 2 बार जमानत दी गई. ऐसे में CBI केस में जमानत क्यों नहीं दी जा सकती है? वहीं CBI ने अपनी दलील में कहा है कि केजरीवाल सहयोग नहीं कर रहे हैं. जबकि, कोर्ट ने ही आदेश में कहा है कि यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि आरोपी खुद को दोषी बता दे.
Supreme Court grants bail to Delhi Chief Minister and AAP national convener Arvind Kejriwal in a corruption case registered by CBI in the alleged excise policy scam.
Supreme Court says prolonged incarceration amounts to unjust deprivation of liberty. pic.twitter.com/6LoZkISNO4
— ANI (@ANI) September 13, 2024
सीएम केजरीवाल को अगर आज सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल जाती है तो ये बहुत अहम टाइमिंग मानी जा सकती है, क्योंकि हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 13 सितंबर से चुनाव प्रचार का असली दौर शुरू होगा, 12 तारीख तक नामांकन प्रक्रिया चल रही थी. आम आदमी पार्टी ने हरियाणा की सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं लेकिन बिना अरविंद केजरीवाल के मैदान में उतरे उम्मीदवारों के लिए मजबूत प्रचार की संभावना कम हैं. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की सुगबुगाहट के बीच सीएम केजरीवाल का जेल से बाहर आना बीजेपी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है.
दिल्ली में भी विधानसभा चुनावों में 4 महीने का समय है ऐसे में सीएम केजरीवाल के बाहर आते ही ताबड़तोड़ फैसले हो सकते हैं. खासतौर पर महिलाओं को दी जाने वाली 1000 रुपये की राशि की स्कीम अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है. ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री का बाहर आना आने वाले चुनावों के लिहाज से AAP के लिए इस वक्त बड़ी संजीवनी साबित होगा.
