दिल्ली: देश की आर्थिक विकास यात्रा को नई गति देने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को 39,290 करोड़ रुपये की छह बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी. इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क, परिवहन, विमानन और पर्यावरण जैसे अहम क्षेत्रों को मजबूत बनाना है.
सरकार के इस बड़े फैसले को आगामी वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कैबिनेट के फैसलों में जहां एक ओर विमानन क्षेत्र को ईंधन कीमतों के झटकों से बचाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष फंड बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर चार राज्यों में हाईवे परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है.
Cabinet Decision: कैबिनेट की बैठक में 6 बड़े फैसलों की दी गई मंजूरी, 39 हजार करोड़ रुपये के हुए एलानhttps://t.co/rF6f32fMoq
— CNBC-AWAAZ (@CNBC_Awaaz) June 3, 2026
विमानन उद्योग लंबे समय से विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) की बढ़ती और अस्थिर कीमतों से जूझ रहा था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण एयरलाइंस की परिचालन लागत लगातार प्रभावित हो रही थी. इसी चुनौती से निपटने के लिए कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये के ATF प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी है। यह फंड घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों को राहत देगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एयरलाइंस की लागत नियंत्रित होगी, टिकट दरों में अचानक वृद्धि की संभावना कम होगी और लाखों लोगों से जुड़े विमानन उद्योग को स्थिरता मिलेगी. सरकार का दावा है कि इस कदम से लाखों रोजगार सुरक्षित रह सकेंगे. राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. इसके तहत पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना को मंजूरी दी गई है.
इस परियोजना के लिए 5,041 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. माना जा रहा है कि इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि परिवहन क्षेत्र दिल्ली के प्रदूषण में बड़ी भूमिका निभाता है, ऐसे में यह योजना राजधानी की हवा को स्वच्छ बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती हैऔर परिवहन को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार मानकर आगे बढ़ रही है. आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का असर देश की विकास दर, रोजगार और निवेश पर दिखाई दे सकता है.
39,290 करोड़ रुपये की इन छह बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, विमानन और पर्यावरणीय सुधार पर है. ATF फंड एयरलाइंस को राहत देगा, जबकि नए हाईवे और प्रदूषण नियंत्रण योजनाएं आम नागरिकों के जीवन और देश की अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करेंगी.
