दिल्ली: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी पीएम आवास की ओर कूच कर गए. उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी हैं. कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर जाकर प्रदर्शन किया. उनके प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुंचे हैं.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं. सरकार न तो कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही इस पर संसद में बहस करना चाहती है. भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.”
Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi tweets, "We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday. The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament. PM… pic.twitter.com/Nrp2L4JhSS
— ANI (@ANI) July 21, 2026
राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन करने वालों में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और अन्य कई नेता मौजूद थे.
प्रियंका गांधी ने कहा, “हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात नहीं करने दिया जाता. ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिन पर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है. बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए.”
पुलिस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हिरासत में ले किया. हिरासत में लिए जाने पर पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “यह बीजेपी का आतंकवाद है. वे छात्रों की बात नहीं सुनते.”
#WATCH | Delhi: Congress leaders including party president Mallikarjun Kharge, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, KC Venugopal, Pawan Khera and others hold a protest at Lok Kalyan Marg, demanding the resignations of Prime Minister and Education Minister Dharmendra… pic.twitter.com/6YOl99JZ6l
— ANI (@ANI) July 21, 2026
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, “किसी को भी बोलने की इजाजत नहीं है. असल में, किसी भी सांसद को संसद में बोलने की इजाजत नहीं दी जाती है, प्रधानमंत्री संसद तक नहीं आते. इसीलिए विपक्ष के सभी सांसद उनके आवास पर आए हैं, ताकि हमारी आवाज सुनी जा सके.”
इस बीच कांग्रेस ने अपनी लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार, हिरासत में लिए गए और हमले का शिकार हुए युवाओं को हर संभव मदद दें. संपर्क करने की जानकारी नीचे दी गई है.
