उत्तराखंड: कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 का पहला जत्था शनिवार सुबह चंपावत जिले के टनकपुर टीआरसी से रवाना हुआ. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस जत्थे को हरी झंडी दिखाकर अगले पड़ाव के लिए रवाना किया. इससे पहले शुक्रवार शाम को सीएम धामी ने टनकपुर पहुंचे कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों का स्वागत भी किया था.
सीएम धामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों से संवाद कर यात्रा सुविधाओं के विषय में वार्ता की. साथ ही उन्हें बेहतरीन सुविधाओं के साथ सुलभ सरल व सुरक्षित यात्रा हेतु आश्वस्त किया. इसके बाद मानसरोवर यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखा अगले पड़ाव हेतु रवाना किया.
कोरोना महामारी के बाद यह पहला अवसर है जब उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा पुनः प्रारंभ हुई है। इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत से प्रदेश में तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा, साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त आधार प्राप्त होगा।… pic.twitter.com/EVoSXjhYKY
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 5, 2025
बता दें कि करीब पांच साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा से शुरू हुई है. चार जुलाई सुबह को पहला जत्था उत्तराखंड के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा के निकला था, जो शुक्रवार शाम को ही टनकपुर टीआरसी पहुंचा गया था. टनकपुर टीआरसी में भक्तों ने रात्रि विश्राम किया. उत्तराखंड में पहली बार कैलाश मानसरोवर यात्रा टनकपुर के रास्ते हो रही है. इससे पहले ये यात्रा काठगोदाम के रास्ते होती थी.
सीएम धामी ने कहा कि वो यात्रा के सुलभ, सुगम व सुरक्षित होने की वह कामना करते हैं. सीएम धामी ने यात्रियों की सुविधाओं व सुरक्षा को बेहतर किए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि अब हर वर्ष यात्रा टनकपुर चंपावत से ही संचालित होगी. वहीं वापसी में देश भर से आए यात्रियों को मानस खंड कॉरिडोर के तहत कुमाऊं के पाताल भुवनेश्वर, चौकोड़ी, जागेश्वर धाम, कैंची धाम के दर्शन कराए जाने की योजना है. कुमाऊं मंडल विकास निगम बेहतरीन सुविधाओं के साथ इस यात्रा को सफलतम रूप में संचालित करेगा. बता दें कि जत्थे में 45 श्रद्धालु हैं.
