उत्तराखंड: विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम जो कि अनंतकाल से ही एक धार्मिक स्थल है, जहां सदियों से मुनियों, साधुओं तथा तीर्थयात्रियों ने मुक्ति पाने हेतु यहां पहुंचते है. धार्मिक स्थल होने से यहां की संस्कृति का विकास बहुत हुआ और आज भी दूर दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने को पहुंचते है.
वहीं आज चैत्र नवरात्रो के इस शुभ अवसर पर श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के कार्यालय में कपाटोद्घान का मुहूर्त निकाला गया. कपाट खुलने की तिथि के साथ ही शासन-प्रशासन अपने अपने स्तर से तैयारियों में जुट गए ही.
श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल व सचिव सुरेश सेमवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर 10 मई को 12:25 बजे अभिजीत मुहूर्त और अमृत बेला पर खोले जाएंगे. इस अवसर पर गंगा सहस्त्रनाम पाठ किया जाएगा. यह समारोह भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें भक्तगण अपने मन की शुद्धि और संतोष के लिए आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं
ऋषिकेश से शुरू होने वाली गंगोत्री यात्रा के पथ में आप उत्तरकाशी में भगवान विश्र्वनाथ व शक्ति मंदिर, भाष्कर प्रयाग, गंगनानी में गर्म पानी का कुंड, धराली में पौराणिक शिव मंदिर समूह, मुखवा में गंगाजी के शीतकालीन पड़ाव और भैरवघाटी में मां गंगा के क्षेत्रपाल भैरवनाथ मंदिर के दर्शन कर सकते हैं.
पिछली बार की तरह इस बार भी यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियाें को पंजीकरण करना अनिवार्य होगा. प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. पर्यटन विभाग ने यात्रा व्यवस्थाओं के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त को पांच करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है. इस राशि को केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रियों को बेहतर व्यवस्थाओं व सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा.
