उत्तराखंड: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसके साथ ही प्रदेश भर में भी योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए गए. देहरादून स्थित पुलिस लाइन में भी इंटरनेशनल योग डे के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1000 लोगों के साथ योगाभ्यास किया.
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड का क्षेत्र योग और अध्यात्म का केंद्र रहा है. विश्व भर में योग अभ्यास किया जा रहा है. योग विश्व की पूरी जनसंख्या के लिए लाभकारी है. साल 2015 से योग दिवस मनाया जा रहा है. योग की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता के तमाम उदाहरण हैं. योगाभ्यास व्यक्ति के शरीर से मन को जोड़ने के साथ ही स्वस्थ बनाता है. यही नहीं, योग एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से जोड़ने के साथ ही एक देश को दूसरे देश से जोड़ने का काम भी कर रहा है.
LIVE: President Droupadi Murmu addresses a gathering on International Yoga Day at Dehradun https://t.co/9Fscjlvkxk
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 21, 2025
योग की शिक्षा किसी भी संप्रदाय या पंथ से जुड़ी हुई नहीं है. जबकि योग अपनाने से स्वस्थ जीवन का लाभ मिलता है. जिस तरह से दैनिक कार्य कर रहे हैं, ऐसे में योग को भी अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. जब व्यक्ति स्वस्थ रहता है, तो परिवार स्वस्थ रहता है. जब परिवार स्वस्थ रहता है, तो देश स्वस्थ रहता है. आजकल जीवन दिनचर्या से जुड़ी हुई बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए योग महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देहरादून आना और हम सभी का उनके साथ योग करना, सौभाग्य की बात है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जो संदेश दिया है ‘करो योग रहो निरोग’, ऐसे में लोगों को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए. इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति की ओर से योग को बढ़ावा दिए जाने को लेकर तमाम बातें कही गई हैं. साथ ही आम जनता से भी अपने दिनचर्या में योग को शामिल करने को कहा है.
ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित किए गए भव्य कार्यक्रम से उत्तराखंड को देश और विश्व में एक अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन विकसित करने में सहायता मिलेगी. उत्तराखंड में लागू योग नीति और आयुष नीति से राज्य में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही उद्यमों में भी वृद्धि होगी.
