उत्तराखंड: राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को जहां सम्मानित किया गया. वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान सम्मान पाने वाले शिक्षकों को लेकर घोषणा की है. शैलेश मटियानी पुरस्कार की धनराशि को दस हजार रूपए बढ़ा दिया गया है.
सीएम धामी ने घोषणा की है कि अगले साल से शैलेश मटियानी पुरस्कार की राशि को 10,000 से बढ़ाकर 20,000 किया जाएगा. इस दौरान राज्यपाल मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी है. आपको बता दें कि पहले शैलेश मटियानी पुरस्कार की राशि दस हजार थी.
राज्यपाल के हाथों मिले सम्मान से शैलेश मटियानी पुरस्कार अपने वाले शिक्षकों के चेहरे पर इस दौरान खुशी भी देखने को मिली तो वही शिक्षकों का कहना है कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है की शिक्षण कार्य करते-करते जिस तरीके से छात्रों का जीवन निखारने का काम वो कर रहे हैं उसके लिए उन्हें राज्यपाल के हाथों शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
राजभवन में माननीय राज्यपाल @LtGenGurmit जी (से. नि.) के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर "शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार" वितरण समारोह में सम्मिलित हुआ।
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के विभिन्न शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।… pic.twitter.com/qblxtQnzAQ
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 5, 2024
प्रारंभिक शिक्षा में सम्मानित शिक्षकों में पौड़ी ज़िले से आशा बुडाकोटी, उत्तरकाशी से संजय कुमार कुकसाल, देहरादून से ऊषा गौड़, हरिद्वार से संजय कुमार, टिहरी से उत्तम सिंह राणा, चंपावत से रवीश चंद्र पंचौली, बागेश्वर से सुरेश चंद्र सती, पिथौरागढ़ से गंगा आर्य, और नैनीताल से डॉ. आशा बिष्ट शामिल हैं.
माध्यमिक शिक्षा के तहत पुरस्कार प्राप्त करने वालों में उत्तरकाशी से लोकेंद्रपाल सिंह, देहरादून से संजय कुमार, पिथौरागढ़ से दमयंती चंद, बागेश्वर से त्रिभुवन चंद, अल्मोड़ा से डॉ. प्रभाकर जोशी, और ऊधमसिंह नगर से निर्मल कुमार शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण संस्थान से ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर के प्रवक्ता डॉ. शैलेंद्र सिंह धपोला को भी सम्मानित किया गया.
