उत्तराखंड साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी, संत महात्माओं का लिया आशीर्वाद
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साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी, संत महात्माओं का लिया आशीर्वाद

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को मथुरा में साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतंभरा को वात्सल्य और ममता की प्रतिमूर्ति बताते हुए शुभकामना दी है. इस दौरान सीएम धामी ने उनके सुदीर्घ जीवन की कामना की. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित संत महात्माओं को भी नमन कर उनका आशीर्वाद लिया है.

सीएम धामी ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा का व्यक्तित्व अद्भुत और कृतित्व अकल्पनीय है. उनकी वात्सल्य शक्ति से न जाने कितनी बच्चियों को प्रेरणा और नया जीवन मिला. उनसे सदैव वात्सल्य और ममता का सानिध्य प्राप्त होता हे. मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा के स्नेह और आशीर्वाद से उन्हें व्यक्तिगत रूप से हमेशा लोगों की सेवा करने की शक्ति मिलती है. वे स्वयं उनसे सबसे पहले तब प्रभावित हुए थे. जब उनके मुखारबिंदु से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय प्रखर उद्बोधन सुना था. उनके ओजस्वी उद्बोधन ने लाखों लोगों को हृदय की गहराइयों तक प्रभावित किया था.

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आगामी 22 जनवरी को करोड़ों देशवासियों का रामलला को उनकी जन्मस्थली पर विराजमान करने का संकल्प पूर्ण होने जा रहा है. आज रामलला उस समय अपने जन्मस्थान में विराजमान हो रहे हैं. जब भारत दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बन चुका है. सनातन संस्कृति का परचम चारों ओर लहरा रहा है. चांद पर भारत का चंद्रयान उतर चुका है। सूर्य के चारों ओर आदित्य एल वन चक्कर लगा रहा है। पूरा विश्व भारत की बात कर रहा है.

सीएम धामी ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले न तो राम मंदिर बना पाते, न धारा 370 हटा पाते और न ही तीन तलाक हटा पाते. यह प्रधानमंत्री मोदी की ही क्षमता है. जो बिना झुके, थके, व डिगे अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते ही रहे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से ही वे भी बिना थके, बिना डिगे उत्तराखण्ड की जनता की सेवा कर रहे हैं. उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय हमने लिए हैं. जो विगत 23 वर्षों में संभव नहीं हो पाये थे.

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