उत्तर प्रदेश: भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दल 10 सीटों के उपचुनाव को लेकर आमने-सामने होते नजर आ रहे हैं. राष्ट्रीय लोक दल के बाद निषाद पार्टी भी सीट मांग रही है. जबकि भाजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. फिलहाल भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में 10 सीटों पर दावेदारी को लेकर घमासान हो सकता है. कुल 10 में से कम से कम तीन सीटें सहयोगी दल मांग रहे हैं.
अनेक विधायकों के सांसद बन जाने और कुछ अन्य कारणों से रिक्त हुईं सीटों पर उपचुनाव होगा. इसकी तैयारी भारतीय जनता पार्टी ने अभी से शुरू कर दी है. भारतीय जनता पार्टी ने कुछ मंत्रियों की ड्यूटी विधानसभा क्षेत्र में लगाई है. जहां उपचुनाव होंगे. उपचुनाव के संबंध में मंत्रियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है. क्षेत्र के समीकरण देखते हुए जाति और क्षेत्रीय प्रभाव का ध्यान रखा गया है. इसी आधार परमंत्रियों की नियुक्ति क्षेत्र में की गई है.
BJP के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि यूपी विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों में पार्टी जुट गई है. 8 विधानसभा सीटों पर मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है. यूपी में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे.
भारतीय जनता पार्टी से अपना दल, निषाद पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल सभी सीट मांग रहे हैं. यह तीनों दल दो-दो सीट पर अड़े हुए हैं. डॉ. संजय निषाद ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस करके बाकायदा मझवा और कटेहरी विधानसभा सीट की मांग कर ली है. इसी तरह से राष्ट्रीय लोकदल मीरापुर और एक अन्य सीट पर अड़ा हुआ है.अपना दल भी सीट मांग रहा है. ऐसे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में जहां एक ओर खींचतान हो रही है तो दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतात्रिक गठबंधन भी इससे पीछे नहीं है.
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने इस विषय पर कहा कि जब चुनाव की घोषणा हो जाएगी, उसके बाद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी सदस्य एक साथ बैठेंगे और टिकट वितरण को लेकर बात करेंगे. जो आलाकमान का फैसला होगा, उस पर मुहर लगा दी जाएगी. आपस में कोई भी मनमुटाव जैसी बात नहीं है.
