उत्तर प्रदेश: पेरिस ओलंपिक में 50 किग्रा. कुश्ती वर्ग में अयोग्य घोषित होने के बाद विनेश फोगाट ने कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने भावुक पोस्ट में लिखा कि मां मैं हार गई इसलिए कुश्ती छोड़ रही हूं. इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में यूजर पोस्ट कर रहे हैं. वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले की जांच की मांग की है. वहीं, नगीना सांसद चंद्रशेखर ने विनेश को संसद में बुलाकर सम्मानित करने की मांग उठाई है. मांग की है कि उनको संसद में सम्मानित कर सरकार महिला सम्मान को बढ़ावा दे.
बता दें कि पेरिस ओलंपिक में गोल्ड के लिए फाइनल मुकाबले में उतरने से पहले ही विनेश फोगाट को बाहर कर दिया गया. उनके अयोग्य करार होने की वजह उनका निर्धारित मानक से 100 ग्राम वजन ज्यादा होना बताया गया. इस वजह से उन्हें महिला कुश्ती 50 किग्रा वर्ग से अयोग्य घोषित किया गया. इस खबर ने पूरे देश को बड़ा झटका दिया. देश की झोली में एक गोल्ड या फिर सिल्वर आते-आते रह गए. इसके बाद पीएम मोदी समेत कई लोगों ने इस पर दुख जताया. इसके साथ ही कई दलों, खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं.
माँ कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई माफ़ करना आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके इससे ज़्यादा ताक़त नहीं रही अब।
अलविदा कुश्ती 2001-2024 🙏
आप सबकी हमेशा ऋणी रहूँगी माफी 🙏🙏
— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) August 7, 2024
इस घटनाक्रम के बाद विनेश फोगाट काफी दुखी है. हालांकि उन्होंने कोर्ट ऑफ एब्रीट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील की थी. उन्होंने सिल्वर की मांग की थी. वहीं, उनको सिल्वर देने को लेकर कई खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर समर्थन किया है. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी की. इसमें उन्होंने लिखा कि मां कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई. आपका सपना और मेरी हिम्मत सब टूट चुके हैं. इससे ज्यादा हिम्मत नहीं रही मेरे पास. अलविदा कुश्ती.
विनेश फोगाट जी, आप सभी भारत वासियों के लिए गौरव हैं, विजेता हैं, चैंपियन हैं।
निराश मत होइए…
पेरिस ओलंपिक-2024 में आपके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने वैश्विक पटल पर मां भारती को स्वर्णिम आभा से दीप्त किया है।
आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि आप शीघ्र ही पहले से अधिक मजबूत होकर मैदान…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 7, 2024
विनेश के समर्थन में सोशल मीडिया पर यूजर लगातार पोस्ट कर रहे हैं. यूजर उन्हें हौंसला दे रहे हैं कि वह इस वक्त टूटे नहीं बल्कि खुद को संभाले. देश के लिए उनका योगदान अतुलनीय है.देशवासी उन पर गर्व करते हैं. भले ही वह मेडल न जीत सकी हों लेकिन उन्होंने लोगों के दिल जीत लिए हैं. देश उन पर गर्व करता है.
