उत्तर प्रदेश 100 वर्षों से संगीत के प्रचार प्रसार में कार्यरत है प्रयाग संगीत समिति
उत्तर प्रदेश

100 वर्षों से संगीत के प्रचार प्रसार में कार्यरत है प्रयाग संगीत समिति

सुशील कुमार शर्मा

गाजियाबाद: जीवन का एक अभिन्न व शक्तिशाली अंग है. यह केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं अपितु विभिन्न संस्कृतियों और पीढ़ियों को जोड़ने का माध्यम भी है. संगीत मानव जीवन को सकारात्मक बनाने के साथ व्यक्ति में उत्साह, प्रेरणा व ऊर्जा का संचार भी करता है. भगवद प्राप्ति का सर्व सुलभ व सर्वोत्तम साधन भी संगीत ही है. नारद पुराण के अनुसार श्रीहरि विष्णु ने स्वयं कहा है.
नाहम वसामि वैकुण्ठे, योगीनाम हृदयेन च।
मदभक्ता यत्र गायंति, तत्र तिष्ठामि नारद ।।
अर्थात् न मैं वैकुण्ठ में मिलता हूँ, न योगियों के हृदय में, मेरे भक्त मिलकर जहाँ मेरा गुणगान करते हैं, मैं वहीं स्थित हूँ.

संगीत के प्रचार प्रसार में यूँ तो बहुत से महापुरुषों तथा सस्थाओं ने काम किया किंतु प्रयागराज में स्थित प्रयाग संगीत समिति का नाम इस दिशा में विशेष उल्लेखनीय है. 1926 में स्थापित यह समिति गत 100 वर्षों से निरन्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत (गायन, वादन और नृत्य) के संरक्षण में अग्रणीय है. यह संस्था देश -विदेश में अपनी शाखाओं के द्वारा डिग्री डिप्लोमा प्रदान करने, अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन के आयोजन और मेधावी कलकारों को मंच प्रदान करने में अनवरत कार्य कर रही है. यह संस्था योग्य गुरूजनों के मार्गदर्शन में संगीत शिक्षा प्रदान करती है।भारतीय कला,संस्कृति और शास्त्रीय संगीत की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और इसे बढ़ावा देने का कार्य करती है. इस समिति के साथ पंडित किशन महाराज, पंडित छन्नूलाल मिश्र, पंडित बिरजू महाराज, पंडित राजन साजन मिश्र, उस्ताद अमजद अली खान जैसे दिग्गज संगीतज्ञ जुड़े हैं जो इस क्षेत्र में अपनी एक अनोखी पहचान रखते हैं.

प्रतिवर्ष देश विदेश से लाखों विद्यार्थी गायन, वादन और नृत्य की परीक्षा उत्तीर्ण कर संगीत प्रभाकर और संगीत प्रवीण की डिग्री प्राप्त करते हैं, जो यू जी सी द्वारा देशभर में स्नातक और स्नातकोत्तर के समकक्ष मान्य हैं.

वर्ष 2026 प्रयाग संगीत समिति का शताब्दी वर्ष है, जिसके अंतर्गत 11 मार्च 2026 को दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति गायन, वादन और नृत्य की प्रतियोगिता भी होगी जिसमें देश विदेश के छात्र प्रतिभागिता करेंगे. वर्तमान रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार तथा सेक्रेटरी अरुण कुमार के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में समिति निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है. भविष्य में भी इस समिति के माध्यम से संगीत कला प्रेमी और कलाकार छात्र चिरकाल तक लाभान्वित होते रहेंगे.

Exit mobile version