उत्तर प्रदेश: प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदी जो महाकुंभ 2025 संगम के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाना चाहते हैं, उनके लिए योगी सरकार ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है. बंदी भी पुण्य प्राप्ति से वंचित न रहें, उनकी धार्मिक भावनाओं व आस्थाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है. 90 हजार बंदी प्रदेश के कारागारों में निरुद्ध हैं. संगम के पवित्र जल से स्नान के इच्छुक कैदियों के लिए जेल प्रशासन जेलों ने स्नान की व्यवस्था कराएगा.
इसके लिए तीर्थराज प्रयाग संगम से कलश में जल लाकर जेलों में स्थापित पानी के कुण्ड व टब में डाला जाएगा और इच्छुक बंदियों को स्नान का अवसर प्रदान किया जाएगा. इस तरह जेल में निरुद्ध कैदियों को महाकुंभ के अस्था के स्नान का पुण्य प्राप्त होगा.
इस कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को प्रदेश के कारागार मंत्री शदारा सिंह चौहान, प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग एवं महानिदेशक कारागार पीवी रामाशास्त्री की मौजूदगी में लखनऊ स्थित आदर्श कारागार से की जाएगी. इसके साथ ही प्रदेश की सभी जेलों में त्रिवेणी के संगम जल से पवित्र स्नान एवं पूजा अर्चना का अवसर प्रदान किया जाएगा. डीआईजी कारागार लखनऊ रेंज डॉ. रामधनी ने बताया कि इस तरह की व्यवस्थाओं से जेल में बंद बंदियों को अध्यात्मिक शांति एवं मानसिक सुकून मिलेगा.
केंद्रीय कारागार नैनी और प्रयागराज जिला जेल में बंद 1450 कैदी शुक्रवार को जेल में ही पवित्र संगम स्नान करेंगे. इसके लिए संगम से गंगा जल लाया गया है, जिसे जेल में बने एक कुंड में डाल दिया गया है. इससे ही बंदियों को स्नान कराया जाएगा. वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर ने बताया कि केंद्रीय कारागार में लगभग 1735 बंदी सजा काट रहे हैं. लेकिन, इनमें से कई मुस्लिम धर्म से भी हैं. ऐसे में लगभग 1450 कैदियों को संगम तट के जल से स्नान करवाने की योजना है. जेल अधीक्षक रंग बहादुर ने बताया कि कैदियों को स्नान कराने की व्यवस्था पूरे प्रदेश की जेलों में की गई है. साथ ही कई जेलों में पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है.
