उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सहभागिता के बिना पर्यावरण को शुद्ध नहीं किया जा सकता. पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए हर स्तर पर काम करना होगा. चाहे वह वायु का प्रदूषण हो या जल का प्रदूषण हो, सबको मिलकर काम करना होगा. कार्बन का उत्सर्जन कम करके भी पर्यावरण को बचाया जा सकता है. सरकार अपने प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों को जागरूक करके इस पर तेजी से नियंत्रण की जरुरत है.
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन रोकने के लिए 16 लाख स्ट्रीट लाइटों को बिना किसी खर्च के सरकार ने बदलने का कार्य किया. 1000 करोड़ रुपए प्रति वर्ष इससे बचत हो रही है. प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की सफलता के लिए जल संचयन का भी सरकार ने जो उपाय अपनाया. उसके माध्यम से गंगा और यमुना में पानी की मात्रा को नियंत्रित किया गया. यह कार्यक्रम नगर निगम और केंद्रीय संस्था द्वारा आयोजित किया गया. इसमें सांसद रवि किशन, कई विधायक, पार्षद मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता, राष्ट्रीय स्वच्छता को कायम करने में महत्वपूर्ण रोल अदा करेगी.
#UPCM @myogiadityanath आज जनपद गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अनेक कार्य निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। गत 8 वर्षों में 210 करोड़ वृक्षारोपण के कार्यक्रम… pic.twitter.com/2MSRvLjV8B
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 13, 2025
सीएम योगी ने कहा कि प्रकृति सबकी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकती है. हम सभी को प्रकृति को बचाए और शुद्ध बनाए रखना होगा. आज गोरखपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा है. नवंबर से फरवरी के महीने तक राजधानी दिल्ली में जो स्थितियां पैदा होती है, जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय को बार-बार इंटरवेट करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वह दृश्य भी होता है. तब पूरा एनसीआर क्षेत्र गैस चेंबर में बदल जाता है. आखिर कौन है इसके लिए जिम्मेदार? हम सभी यह चीजें नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन हमारी भी जिम्मेदारी है.
सीएम ने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि हमें 2070 तक नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करना है. कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करने के दिशा में नगरीय क्षेत्र में कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. पहले जो स्ट्रीट लाइट लगती थी, हैलोजन लगते थे, लेकिन हम लोगों ने 2017 में प्रदेश में 16 लाख हैलोजन लाइट को हटाकर उसकी जगह एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवा दिया. हमने ईएसएल को यह जिम्मेदारी दी कि, जितनी भी स्ट्रीट लाइट हैं, इनको हटाकर उनकी जगह एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाएं. 7 वर्ष तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी उनकी है.
प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छता में बहुत जोर होता है. पहली बार देश के अंदर 12 करोड़ घरों में शौचालय बनाए गए. मैंने भी तय किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को हमें बैन करना है. हमने 2018 में कैबिनेट की बैठक में इसे पास कर दिया. किसी भी शहर में आप जाएंगे, तो कहीं पर कोई निकम्मा बोर्ड है, तो वह अलग विषय है, लेकिन सामान्यत आपको स्वच्छता नजर आएगी. 2020 में हमने जब प्लास्टिक को पूरी तरह गोरखपुर में बैन कर चुके थे, तो एक दिन की स्थिति है, जब लगातार 12 घंटे तक बरसात पड़ती रही. संयोग था कि मैं भी उस दिन गोरखपुर में था. जैसे बरसात बंद हुई मैं सिटी में निकला. मुझे कहीं भी वाटर लॉगिंग नहीं मिली. आज नगर निगम रिमेडियेशन की पद्धति को अपना करके राप्ती नदी में गंदे पानी को गिरने से रोकने में सफल हुआ है. देशी पद्धति अपना करके लोगों के सामने एक मॉडल प्रस्तुत किया. मुझे अच्छा लगा कि अभी वह और भी रिफाइंड हो सकता है. इस पद्धति को पंजाब के अंदर वहां एक संत द्वारा अपना करके एक नदी को शुद्ध किया गया था.
सीएम ने कहा कि आपने देखा होगा कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए और एयर क्वालिटी को सुधारने के लिए घर के चूल्हे का भी बड़ा योगदान होता है. पहले लोग लकड़ी से या कोयले से भोजन बनाते थे. भोजन बनाने में काफी कार्बन उत्सर्जन होता था. काफी धुआं निकलता था. प्रधानमंत्री जी ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से 10 करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन उपलब्ध कराए. कल हम लोगों ने एक करोड़ 86 लाख उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं को फ्री में एक-एक सिलेंडर उपलब्ध करवाने का काम किया. इससे भी पर्यावरण सुरक्षित होगा और प्रदूषण रुकेगा. हमें वाटर कंजर्वेशन करना होगा. इससे यहां के जल की गुणवत्ता बनी रहेगी. जल प्रदूषण कम होगा. रेन वाटर हार्वेस्टिंग हर घर में बनना चाहिए, इसमें बहुत ज्यादा खर्च नहीं आता है.
