उत्तर प्रदेश: आस्था की नगरी में 12 साल बाद महाकुंभ की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. दुनिया का यह सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा. महाकुंभ में भाग लेने के लिए देश के कोने-कोने से साधु-सन्यासी पहुंच रहे हैं. कई सन्यासी तो ऐसे हैं जो आकर्षण का केंद्र बन गए हैं. इन्हीं में से एक हैं चाबी वाले बाबा. वह महाकुंभ में 20 किलो वजन वाली राम नाम की चाबी लेकर पहुंचे हैं.
महाकुंभ में राम नाम की चाबी लेकर पहुंचे सन्यासी का नाम हरिश्चंद्र विश्वकर्मा है. वह उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले हैं. और महाकुंभ मेले में शामिल होने प्रयागराज आए हैं. उनके पिता खेती किसानी कर जीवन यापन करते थे. बाबा ने 16 साल की उम्र में ही घर का त्याग कर दिया था और तब से वह समाज में फैली बुराइयों और राष्ट्र के निर्माण के उद्देश्य को लेकर जगह-जगह घूम रहे हैं. वह जगह-जगह संदेश देने जाते हैं.
बाबा कहते हैं कि मैंने समाज में फैली बुराइयों और नफरत से लड़ने का फैसला किया. साथ ही ये भी कहते हैं कि मैंने बहुत सारी पदयात्राएं की हैं. वही जीवन में कई सारी कठिनाइयां झेलने वाले बाबा हमेशा सत्य की राह पर चलते हैं. वहीं बाबा, प्रधानमंत्री मोदी उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी की तारीफ करते हुए कहते हैं कि जिस तरीके से यह 2025 महाकुंभ का आयोजन हो रहा है वह कहीं ना कहीं दिव्य और भव्य होने के साथ साथ स्वच्छ और डिजिटल हो रहा है.
महाकुंभ आयोजन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, बहुत अच्छा लग रहा है कि शासन-प्रशासन के लोग सनातनी विचारधारा रखते हैं. आयोजन को भव्यता देने के लिए जो भी कोशिश की जा सकती है, वो कर रहे हैं. वास्तव में यह एक मील का पत्थर साबित होगा.
