उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह वाराणसी दौरे के दूसरे दिन आगामी 24 जून को प्रस्तावित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की तैयारियों का जायजा लिया. मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बैठक के संबंध में की गई तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया. यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह के साथ मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे.
गृह मंत्रालय से संचालित मध्य क्षेत्रीय परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन 24 जून को वाराणसी में होगा. होटल ताज में आयोजित इस एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता गृहमंत्री अमित शाह करेंगे. सम्मेलन में परिषद के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 5 राज्यों के मुख्यमंत्री और कैबिनेट सचिव भी हिस्सा लेंगे. देश के पांच में क्षेत्रीय परिषदों में प्रमुख मध्य क्षेत्रीय परिषद में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य आते हैं. यह परिषद इन राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है. जिसका उद्देश्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के बीच समन्वय स्थापित करना है.
जिलाधिकारी ने बताया कि यह परिषद मुख्य रूप से राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले मुद्दों, जैसे कि जल विवाद, अंतर्राज्यीय सीमा विवाद, और आंतरिक सुरक्षा आदि पर विचार-विमर्श करती है और समाधान खोजने का प्रयास करती है. क्षेत्रीय परिषदों का गठन 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत के राज्यों को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित करना और उनके बीच सहयोग को बढ़ावा देना था.
जिला प्रशासन के मुताबिक यह बैठक बनारस में पहली बार होने जा रही है. इसमें राज्यों के समन्वय को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के साथ कुछ अहम निर्णय भी लिए जा सकते हैं. परिषद के सम्मेलन में चारों राज्यों के मुख्यमंत्री भी आएंगे, जिनकी अगवानी परिषद के उपाध्यक्ष के तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. उत्तराखंड में हुई पिछली बैठक में बलात्कार, पॉक्सो एक्ट, स्कूल ड्रॉपआउट, महिलाओं और बालिकाओं में कुपोषण, पर्यावरण और बैंकिंग सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी.
