दिल्‍ली-एनसीआर पीएम मोदी ने स्मृति मंदिर में RSS के संस्थापकों को श्रद्धांजलि दी, दीक्षाभूमि का भी दौरा किया
दिल्‍ली-एनसीआर महाराष्ट्र

पीएम मोदी ने स्मृति मंदिर में RSS के संस्थापकों को श्रद्धांजलि दी, दीक्षाभूमि का भी दौरा किया

दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह नागपुर पहुंचे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री और नागपुर के सांसद नितिन गडकरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया. इसके बाद वह संघ के स्मृति मंदिर पहुंचे, जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने उनका स्वागत किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने स्मृति मंदिर में आरएसएस के संस्थापको केशव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) को पुष्पांजलि अर्पित की.

स्मृति मंदिर में विजिटर बुक में अपने संद में पीएम मोदी ने लिखा, परम पूजनीय डॉ हेडगेवार जी और पूज्य गुरुजी को शत् शत् नमन. उनकी स्मृतियों को संजोते, इस स्मृति मंदिर में आकर अभिभूत हूं. भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और संगठन शक्ति के मूल्यों को समर्पित यह स्थली हमें राष्ट्र की सेवा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. संघ के इन दो मजबूत स्तंभों की यह स्थली देश की सेवा में समर्पित लाखों स्वयंसेवकों के लिए ऊर्जा पुंज है. हमारे प्रयासों से मां भारती का गौरव सदा बढ़ता रहे!

नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद कई बार नागपुर का दौरा किया. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान वह नागपुर में रुकते थे. हालांकि इन 10 वर्षों में उन्होंने आरएसएस मुख्यालय या रेशिमबाग स्थित स्मृति मंदिर का दौरा नहीं किया. इस बार गुड़ी पड़वा के मौके पर पीएम मोदी नागपुर पहुंचे और पहली बार स्मृति मंदिर का दौरा किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) साल में कुल 6 त्योहार मनाता है. गुड़ी पड़वा को काफी महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है.

आरएसएस मुख्यालय में स्मृति मंदिर का दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीक्षाभूमि पहुंचे और बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री मोदी ने यहां महात्मा बुद्ध की पूजा-अर्चना की. दीक्षाभूमि में भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. अंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था.

पीएम मोदी आज कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के लिए छत्तीसगढ़ भी जाएंगे. बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बिजली, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे.

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