दिल्ली: देश की जनगणना (Census 2027) का पहला फेज आज से शुरू हो रहा है. यह दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभ्यास होगा और यह पहली बार डिजिटल तरीके से किया जाएगा. यह भारत की 16वीं जनगणना है और आजादी के बाद 8वीं जनगणना है.
इस बार जनगणना में स्व-गणना (Self-enumeration) की सुविधा भी दी गई है, जिससे नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे. जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) होगी. हालांकि, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फीले गैर-समकालिक क्षेत्रों, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तय की गई है.
#Census2027 is all set to begin from April 1, 2026, marking the start of the world’s largest enumeration exercise.
Check the State/UT-wise timeline and stay informed as India gears up for this massive data-driven initiative.
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— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) March 31, 2026
जनगणना दो चरणों में की जाएगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना होगी, जिसे HLO के नाम से भी जाना जाता है. यह चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच छह महीनों में पूरा किया जाएगा. प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित सरकार अपनी सुविधा के अनुसार 30 दिनों में यह काम करेंगे. इसके ठीक पहले 15 दिनों की स्व-गणना अवधि भी होगी.
इस चरण में मकानों की स्थिति, घर में मौजूद सुविधाओं और घर के पास मौजूद संपत्ति के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाएगी. इस फेज से जुड़े सवाल जनवरी 2026 में अधिसूचित किए जा चुके हैं.
यह चरण फरवरी 2027 में कराया जाएगा. जबकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के गैर-समकालिक क्षेत्र, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में यह चरण सितंबर 2026 में होगा. केंद्र के फैसले के अनुसार जनगणना के दूसरे फेज में जातियों की गिनती भी की जाएगी. इसमें प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवासन और प्रजनन से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी.
अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, दिल्ली (नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम 16 अप्रैल से 15 मई तक हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस करेंगे. साथ ही 1 से 15 अप्रैल तक खुद से गिनती करने का समय भी होगा.
मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा 1 मई से 30 मई तक हाउसलिस्टिंग सेंसस (मकान सूचीकरण जनगणना) शुरू करेंगे, जिसमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक खुद से गिनती करने का समय होगा. सरकार ने हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के लिए राज्यवार तारीखें जारी की हैं. केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, 2027 की जनगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी. एन्यूमेरेटर (गिनती करने वाला) स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करके सीधे मोबाइल ऐप से डेटा इकट्ठा करेंगे और जमा करेंगे. इसके अलावा, दोनों फेज में खुद से गिनती करने के लिए ऑनलाइन प्रावधान होगा. मोबाइल ऐप के साथ-साथ खुद से गिनती करने वाला पोर्टल हिंदी और इंग्लिश समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा.
