दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनाव 2019 से कांग्रेस पार्टी के लिए अच्छे साबित हुए. इस बार कांग्रेस ने 47 सीटें अधिक यानी कि 99 सीटें झटकीं, जबकि 2019 में सिर्फ 52 पर ही सिमट गई थी. भले ही, कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा 272 न ला सकी हो. लेकिन, कांग्रेस की नीत वाली इंडिया गठबंधन ने 234 सीटें हासिल कर अपनी ताकत का सबूत दे दिया.
राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत करने के बाद कांग्रेस की शनिवार को नई दिल्ली के अशोका होटल में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक हुई. जिसमें सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के नाम की पेशकश की. इस पर राहुल गांधी ने सोचने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों से कुछ वक्त की मांग की.
सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की इच्छा थी कि राहुल गांधी को एलओपी बनाया जाए और वह आम आदमी की आवाज बनें और संसद में उनके मुद्दे उठाएं, हम इस पर काम कर रहे हैं कि हमें कुछ राज्यों में कम सीटें क्यों मिलीं। उनका ‘कांग्रेस मुक्त’ का दावा विफल हो गया है और देश अब फिर से ‘कांग्रेस युक्त’ हो गया है.
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— Congress (@INCIndia) June 8, 2024
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को धन्यवाद दिया है. खरगे ने कहा, जनता ने तानाशाही और असंवैधानिक ताकतों को तगड़ा जवाब दे दिया है. लोगों को कांग्रेस में विश्वास है. देश के वोटर्स ने बीजेपी के 10 साल के शासन को नकारा है. बीजेपी ने इस देश में बांटने की और घृणा की राजनीति की है. सी़डब्लूसी की तरफ से खरगे ने नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई दी. उन्होंने कहा, हम लड़े और जीते. परिस्थितियां प्रतिकूल थीं फिर भी हमारी जीत हुई.
खरगे ने पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी चुनाव के दौरान सक्रिय रहने के लिए धन्यवाद दिया। खरगे ने राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी वजह से ही देश में संविधान के बारे में विचार, आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाए गए और जनता को ये बातें समझ में भी आईं.
