दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल की अपनी यात्रा के दौरान 10,800 करोड़ रुपये की कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का बुधवार को उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया.
प्रधानमंत्री ने इस तटीय शहर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और रेल मंत्रालय सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की परियोजनाओं की शुरुआत की.
Today, new opportunities are emerging in seaweed production. Our Government is encouraging the same.
Likewise, we are promoting modern fish farming systems too. pic.twitter.com/isdKdIpfTi
— Narendra Modi (@narendramodi) March 11, 2026
पीएम मोदी ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की कोच्चि रिफाइनरी में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की एक पॉलीप्रोपाइलीन इकाई की आधारशिला रखी, दो प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया (जिनमें से प्रत्येक की लागत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है) और रेल क्षेत्र में 142 करोड़ रुपये की पहल राष्ट्र को समर्पित की.
प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में संपर्क सुविधा बेहतर बनाने और टिकाऊ परिवहन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नयी रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई. मोदी ने कार्यक्रम के दौरान अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित तीन रेलवे स्टेशन, षोरणूर जंक्शन, कुट्टिपुरम रेलवे स्टेशन और चंगनाशेरी रेलवे स्टेशन का भी उद्घाटन किया. करीब 52 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित इन स्टेशन का आधुनिकीकरण किया गया है.
बुधवार को कोच्चि में हुए एक बड़े समारोह में इन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने केरल की सांस्कृतिक पहचान और तटीय समुदाय की तारीफ की. उन्होंने राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलने के बाद अपने पहले दौरे पर, उन्होंने अपना भाषण इस घोषणा के साथ शुरू किया, “केरल अब केरलम है.”
प्रधानमंत्री ने राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने पर जोर दिया, और कहा कि केंद्र सरकार को मलयाली लोगों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी करने पर गर्व है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव राज्य की खास पहचान और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर ऊपर उठाएगा. कोच्चि के मरीन ड्राइव पर अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में शामिल होते हुए, प्रधानमंत्री ने मछुआरों को ‘तट के रखवाले’ बताया और बाढ़ के दौरान उनके बेमिसाल बचाव प्रयासों को शुक्रिया के साथ उन्हें याद किया.
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि मछुआरों की सुरक्षा के लिए नावों पर 4,500 सैटेलाइट ट्रांसपोंडर पहले ही लगाए जा चुके हैं, और भविष्य में इसे 1.5 लाख नावों तक बढ़ाने की योजना है. उन्होंने कहा कि BPCL कोच्चि रिफाइनरी में 5,500 करोड़ का पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट, नेशनल हाईवे 66 के अपग्रेडेड सेक्शन और अमृत भारत रेलवे स्टेशन केरल के इकोनॉमिक मैप को फिर से बनाएंगे. राजनीतिक तौर पर, पीएम मोदी ने बताया कि एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद ही मछुआरों के लिए एक अलग मंत्रालय बनाई गई, जिससे तटीय क्षेत्र में बड़े निवेश हुए.
