दिल्‍ली-एनसीआर यमुना एक्सप्रेसवे के पास 3 साल में बनेंगे 18 हजार फ्लैट, जेवर एयरपोर्ट के चलते यहां बसेगा दूसरा गुरुग्राम
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यमुना एक्सप्रेसवे के पास 3 साल में बनेंगे 18 हजार फ्लैट, जेवर एयरपोर्ट के चलते यहां बसेगा दूसरा गुरुग्राम

नोएडा: उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हो गया गया है. इसके बाद से आसपास के इलाकों में तेजी से सबकुछ बदलता हुआ दिख रहा है. ऐसे में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास प्रॉपर्टी मार्केट में जबरदस्त उछाल की उम्मीद लगाई जा रही है. अगर हम बात करें तो इस समय एक्सप्रेसवे के किनारे कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है.

ऐसे में नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद लगाई जा रही है. दोनों एक्सप्रेसवे के पास लगभग 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं का निर्माण चल रहे हैं. ऐसे में अगले दो से तीन साल के भीतर 18 हजार फ्लैट बनकर तैयार हो जाने के संकेत लगाए जा रहे है. इससे यहां रहने वालों की संख्या में बूम आने की संभावना है. इसके साथ-साथ कई नई परियोजनाएं लॉन्च होने की बात कही जा रही है. वहीं प्राधिकरण भी नई जमीन चिन्हित कर रहा है, जहां आगे और बड़े प्रोजेक्ट को शुरू किया जा सके.

जेवर एयरपोर्ट के बाद से ही बिल्डरों की नजर खासतौर पर एक्सप्रेसवे के आसपास टिकी हुई है, जिसके पीछे की वजह है यहां की कनेक्टिविटी, जो लगातार बेहतर होती नजर आ रही है. मेट्रो और सड़कों का जाल इस इलाके को दिल्ली-एनसीआर से जोड़ रहा है. अभी नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो चल रही है और आगे इसे और बढ़ाने की तैयारी है. वहीं, गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना भी बन रही है.

बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए लोग भी अब इस इलाके में घर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. आने वाले समय में यहां बड़ी कंपनियां और ऑफिस भी खुल सकते हैं, जिससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे और रियल एस्टेट को और रफ्तार मिलेगी. जानकारों का कहना है कि आने वाले कुछ सालों बाद यह इलाका गुरुग्राम की तरह एक बड़ा हब बन सकता है, जहां लोग रहना और निवेश करना पसंद करेंगे.

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