उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के तिब्बती मार्केट स्थित ओल्ड मल्टीपर्पज हॉल में सांसद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह में भाग लिया. इस मौके पर उन्होंने अलग-अलग स्पोर्ट्स इवेंट्स में जीतने वाली टीमों को भी सम्मानित किया. पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है. उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है.
उत्तराखंड राज्य के निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक, उन्होंने हमेशा युवाओं, एथलीटों और प्रतिभा को बढ़ावा देने का सपना देखा. आज खेलों के जरिए जो मज़बूत, कॉन्फिडेंट और डिसिप्लिन्ड युवा भारत उभर रहा है, वह अटल जी के आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में एथलीटों को वर्चुअली गाइड किया और उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गाँव-गाँव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है.
देहरादून में सांसद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह कार्यक्रम में सम्मिलित होकर विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने वर्चुअल माध्यम से सभी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और… pic.twitter.com/3dK5SnrcE1
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) December 25, 2025
इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहाँ से वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं. यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है. इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को पुनर्जीवित किया गया है और हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं. युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें अच्छी दिशा देने के लिए खेल सबसे असरदार तरीका है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है. आज उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जाने लगा है. उत्तराखंड विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर’’ के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ लागू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी. इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न’’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है. मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है. राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया. इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, लोक सभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, दायित्वधारी विनोद उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खिलाड़ी मौजूद थे.
