उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ, केदारनाथ धाम की सुरक्षा भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) हिमवीर संभालेंगे. दोनों धामों में हिमवीरों की एक-एक प्लाटून तैनात कर दी गई. इसके पीछे धामों में चल रहे पुर्ननिर्माण कार्यों की सुरक्षा को बताया गया है.
केदारनाथ धाम में स्वर्णमंडित की दीवारें, बदरीनाथ में सोने का सिंहासन है। जिसकी सुरक्षा के लिए बदरी केदार मंदिर समिति ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की थी. बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि केदारनाथ मंदिर में गर्भगृह की दीवारें स्वर्ण मंडित हैं. जो कि पिछले सीजन में कराई गई थी.
इसी को देखते हुए पिछले साल ही धाम में विशेष सुरक्षा के लिए सरकार को पत्र भेजा गया था. इस बार बदरीनाथ व केदारनाथ दोनों धामों में पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का पुर्ननिर्माण कराया जा रहा है. इसके लिए तहत धामों में काम गतिमान है, जिसके लिए कई सामान पहुंचाए गए हैं.
इनकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हैं. अब तक धामों में लोकल पुलिस ही सुरक्षा को देखती आ रही है. जो कि अधिक बर्फबारी में लौट आती थी. लेकिन अब पूरे शीतकाल में हिमबीर धामों में तैनात रहेंगे. अजेंद्र अजय ने बताया कि मंदिर समिति के कुछ कर्मचारी भी धामों में रहेंगे.
ऐसी व्यवस्था की जा रही है. जिससे धामों में सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके. केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद आइटीबीपी की एक-एक प्लाटून दोनों धाम की सुरक्षा में लग गई है. इसमें प्लाटून कमांडर के साथ 30-30 जवान तैनात हैं.
