उत्तराखंड अंकिता भंडारी हत्याकांड, उत्तराखंड पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, साझा की पूरी जांच डिटेल (वीडियो न्यूज़)
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अंकिता भंडारी हत्याकांड, उत्तराखंड पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, साझा की पूरी जांच डिटेल (वीडियो न्यूज़)

उत्तराखंड: कथित वीआईपी की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है. दिल्ली में हुये घटनाक्रम के बाद अब उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जानकारी दी है. अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी मुरुगेशन ने पुलिस मुख्यालय, देहरादून में प्रेस वार्ता की. जिसमें उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एवं न्यायिक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) मुरुगेशन ने बताया साल 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना में उत्तराखंड पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की. पुलिस टीमों ने आपसी समन्वय से घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था.

अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि प्रकरण की गहन एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके.

उन्होंने बताया कि एसआईटी ने प्रकरण की जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक एवं भौतिक साक्ष्यों का गहनता से संकलन किया. इसके अतिरिक्त अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्टों एवं गवाहों के बयानों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया. एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया.

अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) मुरुगेशन ने बताया उत्तराखंड शासन द्वारा प्रकरण की त्वरित सुनवाई एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए. एसआईटी द्वारा संकलित ठोस साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया गया. जिसके बाद आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है. तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं. वे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.

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