उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 29 अक्टूबर को एम्स ऋषिकेश में हेली एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया. यह एंबुलेंस सेवा संजीवनी योजना के तहत शुरू की गई है. इस सेवा का लाभ उत्तराखंड के सभी 13 जिलों को मिलेगा. खासकर उत्तराखंड के 11 पहाड़ी जिलों के लिए हेली एंबुलेंस सेवा वरदान साबित होगी. इस हेली एंबुलेंस से राज्य में आपदा और दुर्घटना के दौरान तत्काल मेडिकल फेसिलिटी मिलेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़कर हेली एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया. इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश ने देश में हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने वाला पहला चिकित्सा संस्थान होने का सम्मान हासिल कर लिया. जब पीएम मोदी ने हेली एंबुलेंस का वर्चुअल शुभारंभ किया तो सीएम धामी समेत बड़ी संख्या में सांसद और विधायक भी कार्यक्रम से जुड़े.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी आज देवभूमि उत्तराखण्ड को दीपावली का उपहार देते हुए देश की पहली हेली एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ करेंगे। यह सेवा प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, जो दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की त्वरित उपलब्धता…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 29, 2024
संजीवनी योजना के तहत शुरू हुई हेली एंबुलेंस सेवा पूरी फ्री रहेगी. इससे पहले कई बार हेली एंबुलेंस का ट्रायल हुआ था. ट्रायल की सफलता के बाद आज मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 को उत्तराखंड के चिकित्सा इतिहास में हेली एंबुलेंस के रूप में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हो गई.
संजीवनी योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से कर रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार दोनों इसमें 50-50 प्रतिशत खर्च उठाएंगे. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इस योजना के तहत हेली एंबुलेंस में हर महीने कम से कम 30 जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना अनिवार्य है. इसकी सफलता को देखते हुए आने वाले दिनों में इस स्वास्थ्य सेवा को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ा जा सकता है.
