उत्तर प्रदेश: बीते 3 अगस्त को वाराणसी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ‘स्वदेशी का संकल्प’ लेने और ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को अपनाने की अपील की थी. पीएम मोदी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद आया. अब इस क्रम में सीएम योगी ने भी कहा है कि इस बार के पर्व और त्योहार पर हमको यह संकल्प लेना चाहिए कि हम केवल स्वदेशी उत्पाद ही खरीदेंगे. राज्य की जनता से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि तात्कालिक रूप से भले ही है उत्पाद महंगे हो मगर हमें खरीदने होंगे इसी से हमारे राष्ट्र की ताकत बढ़ेगी.
काकोरी एक्शन शताब्दी समारोह के मौके पर काकोरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 अगस्त को हम हर घर पर तिरंगा फहराएंगे. इसके बाद अगले दिन जन्माष्टमी है और फिर पर्व और त्योहारों की बड़ी श्रृंखला शुरू हो जाएगी. इस बार के पर्व और त्योहार पर हमको यह संकल्प लेना चाहिए कि हम केवल स्वदेशी उत्पाद ही खरीदेंगे. इससे पहले काकोरी एक्शन से जुड़े क्रांतिवीरों की प्रतिमाओं पर उन्होंने नमन किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से मुलाकात की उनसे राखी बंधवाई. बच्चों ने मुख्यमंत्री को मिठाई खिलाई. इसके बाद में उन्होंने यहां आए लोगों को संबोधित किया.
काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह आज से 100 वर्ष पूर्व देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारियों को स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का एक विराट अवसर है।
आज लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह में सहभाग कर वीर… pic.twitter.com/umZavLPLYI
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 8, 2025
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब हम हर घर तिरंगा अभियान शुरू करने जा रहे हैं, जिसमें स्वतंत्रता दिवस तक हर घर पर तिरंगा फहराया जाएगा और राष्ट्रीय भावना लोगों के मन में भरेगी. कहा कि इस तिरंगे के सम्मान के लिए जरूरी है कि आने वाले दिनों में जब पर्व और त्योहार उत्तर प्रदेश में शुरू हो जाएंगे तब हम विदेशी ताकतों का घमंड चूर करने के लिए स्वदेशी को अपनाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर काम करते हुए हम देसी कारीगरों के उत्पादों को अपने घरों में जगह देंगे. यह तात्कालिक तौर पर कुछ महंगे हो सकते हैं मगर हमको यह करना ही होगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1857 से लेकर 1947 तक हमारे क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए बलिदान किए हैं. आजादी बलिदान मांगती है और हमको बलिदान करना होगा. तभी हम अपने देश को सशक्त बना पाएंगे और इसके लिए स्वदेशी को अपनाना बहुत ज्यादा जरूरी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कहा था, “अब हम उन वस्तुओं को खरीदेंगे, जिसमें किसी भारतीय का पसीना बहा हो. यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं है, यह आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मामला है.” पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि यदि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, तो देशवासियों को स्वदेशी उत्पादों का समर्थन करना ही होगा. उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक विकास की यह यात्रा तब तक अधूरी है, जब तक देश का हर नागरिक, हर व्यापारी और हर नेता ‘लोकल फॉर वोकल’ के मंत्र को आत्मसात नहीं करता.
