उत्तर प्रदेश: 43वें रामायण मेला का उद्घाटन करने अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इशारों ही इशारों में विपक्ष के साथ ही प्रदेश का माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर भी तीखा हमला किया. रामायण मेले के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में जो काम 500 साल पहले बाबर के एक सिपेहसालार ने किया था, वही काम आज संभल और पड़ोसी देश बांग्लादेश में हो रहा है. इन सबका डीएनए एक है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो संभल और बांग्लादेश में हो रहा है उन सबका डीएनए एक ही है. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने समाज और भारत को जोड़ने का काम किया. अयोध्या प्रभु राम के प्रति भारत की श्रद्धा प्रतीक है. उन्होंने कहा कि जिसमें भगवान राम और जानकी के प्रति श्रद्धा का भाव नहीं है, उसे कट्टर दुश्मन की तरह त्याग देना चाहिए.
श्री अयोध्या धाम में '43वें रामायण मेला' के शुभारंभ कार्यक्रम में… https://t.co/qre1AJcs8r
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 5, 2024
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण मेला 1982 में प्रारंभ हुआ. उसके पहले राम मनोहर लोहिया ने देश के अलग-अलग भागों में रामायण मेला प्रारंभ कराया था. डॉ राम मनोहर लोहिया इसी अयोध्या जनपद और आज के अंबेडकर नगर में जन्मे थे. वे बहुत पढ़े लिखे थे, लेकिन मंदिर नहीं जाते थे. समाजवादी चिंतक थे. उन्होंने कहा कि डॉ राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि जब तक भारत की आस्था तीन देवों राम, कृष्ण और महादेव बनी रहेगी तब तक देश का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता.
डॉ लोहिया एक आदर्श हैं. राजनीति में आदर्श के प्रतीक माने जाते हैं, उन्होंने आज के समाजवादियों को भी कहा था राजनीति में सच्चा समाजवादी वही है, जो संपत्ति और संपत्ति से मुक्त रहे. आज के समाजवादी परिवारवादी हो गए हैं. अपराधी और गुंडो को संरक्षण दिए बगैर उनकी स्थिति वैसी ही हो जाती है, जैसे बिन पानी के मछली तड़पती है. उसके बगैर रह ही नहीं सकते. लोहिया के नाम पर राजनीति करेंगे, लेकिन लोहिया के एक भी आदर्श को अपने जीवन में अंगीकार नहीं करेंगे.
