उत्तर प्रदेश: “हर घर तिरंगा” अभियान को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं. शुक्रवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
इस बार प्रदेश में 4.60 करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. मुख्य सचिव ने कहा है कि यह अभियान केवल झंडा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाने का प्रयास है. उन्होंने जिलाधिकारियों को जनभागीदारी बढ़ाने के लिए तिरंगा रैली, तिरंगा महोत्सव, म्यूजिकल कॉन्सर्ट जैसे आयोजनों को आयोजित करने के निर्देश दिए.
साथ ही, सोशल मीडिया, रेडियो, टीवी और स्थानीय प्रचार माध्यमों के जरिए लोगों को “हर घर तिरंगा” सेल्फी अपलोड करने और वॉलेंटियर बनने के लिए प्रेरित करने को कहा है. उन्होंने जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों, युवा संगठनों, स्थानीय क्लबों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. स्वच्छ भारत मिशन के तहत अभियान के दौरान स्वच्छता कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में खादी से बने राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाएं. इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से झंडों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. साथ ही, एनजीओ, लघु उद्योगों और सिलाई केंद्रों के साथ समन्वय कर झंडों का उत्पादन बढ़ाने को कहा.
बैठक में मुख्य सचिव ने पद्म पुरस्कारों के लिए भी निर्देश दिए. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से खेल, शिक्षा या अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 6-6 प्रतिभाशाली व्यक्तियों के नाम 31 अगस्त, 2025 से पहले शासन को भेजने को कहा. बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
