देश: ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का दूसरा दिन है. आज दूसरे दिन मंगला आरती और भोग के बाद भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने अपने रथों में सवार होकर मौसी गुंडिचा देवी के मंदिर के लिए रवाना हो गए हैं. भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को देखने के लिए पुरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है. सभी भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं.
भगवान जगन्नाथ जी का रथ रविवार को केलव 5 मीटर ही आगे बढ़ा था. क्योंकि सूर्यास्त के बाद रथ को हांका नहीं जाता, इसलिए रविवार की शाम होते ही रथ को रास्ते में ही रोक दिया गया. जिसके बाद आज फिर भगवान का रथ मौसी गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना हो गई है. ऐसा 53 साल बाद हो रहा है कि भगवान जगन्नाथ पुरी रथयात्रा दो दिनों तक मनाया जा रहा है. इससे पहले 1971 में भी दो दिनों तक रथयात्रा निकाली गई थी.
रथयात्रा में सबसे आगे बलभद्र का रथ है. बीच में बहन सुभद्रा और आखिरी में भगवान जगन्नाथ का रथ है. आपको बता दें कि जगन्नाथ रथ यात्रा में लगभग 10 लाख भक्त शामिल हुए है. अधिकांश लोग ओडिशा और पड़ोसी राज्यों से है.
रथयात्रा में विदेशों से भी कई लोग शामिल हुए हैं. इतना ही नहीं इस रथ यात्रा में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी भी शामिल होने पुरी पहुंचे और उन्होंने पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात की. तो वहीं जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान प्रसासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. करीब 5 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. सुरक्षा की दृष्टी से प्रसासन की तरफ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.
